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शिव सेवा समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आज दिनांक

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12 मार्च 2021 को जरूरतमंद परिवार के पांच कन्याओं का सामूहिक विवाह प्राचीन शिव मंदिर प्रांगड़ में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक जैसवाल एवं संचालन समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्र ने किया।
कार्यक्रम का प्रारम्भ राष्ट्रध्वज के आरोहण के पश्चात राष्ट्रगान से प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक अशोक जैसवाल ने अपने उद्बोधन में समिति के कार्यक्षेत्र को बढ़ा कर अन्य स्थानों पर सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। संस्था के प्रबन्धक राकेश पांडेय ने युवाओं का आवाहन करते हुए कहा कि आप सभी आकर समाज की सेवा में लग जाएं,एक नए भारत का निर्माण करें।गुड्डू खान ने आयोजन की सराहना व समिति के कार्यकर्ता बन्धुओं को नमन करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को देख हृदय गदगद हो जाता है। अभिषेक सिंह बिट्टू ने कहा कि मेरे पांच पीढ़ियों का नाता इस क्षेत्र से है,समिति को मेरी जो और जैसी आवश्यकता होगी,हम हमेशा उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम को बंटी पांडेय,उपाध्यक्ष शम्भू मद्धेशिया, दुर्गा शंकर शुक्ल सनी,ऑडिटर सूरज मद्धेशिया,कार्यक्रम नियंत्रक संतोष अग्रहरि, संस्था के सदस्य कृष्ण मुरारी अग्रहरि, मुकेश कनौजिया, चित्रा गुप्ता सहित तमाम वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों,क्षेत्र के सम्माननीय जनों के साथ ही आनंदनगर न पा के अध्यक्ष राजेश जैसवाल, नौतनवा न पा अध्यक्ष गुड्डू खान,सोनौली न पा अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवम त्रिपाठी, अभिषेक सिंह बिट्टू, अवधेश वर्मा, सनी सिंह,राहुल मद्धेशिया, राम कुमार अग्रहरि, नंदू निषाद, बंटी पांडेय, अंगद शुक्ल, नरेन्द्र सिंह, देवानंद देवराज, सहित बड़ी संख्या में विशिष्टजन व महिलाओं समेत हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। संस्था ने सुरक्षा में लगे थानाध्यक्ष पुरन्दरपुर आशुतोष सिंह,चौकी प्रभारी दुर्गेश सिंह,आरक्षी बन्धुओं व महिला आरक्षी बहनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष श् विजय मद्धेशिया, उपप्रबंधक विरेन्द्र अग्रहरी, कोषाध्यक्ष राम जी मद्धेशिया, मिडिया प्रभारी प्रफुल्ल गुप्ता, कार्यक्रम नियंत्रकगण जितेंद्र गौड़, राजेश जायसवाल, सुरज शुक्ल ,मुरली मनोहर शेरू, सचिन्द्र मद्धेशिया, और‌ रजत अग्रहरि, दिनेश मोदनवाल, दुर्गेश जैसवाल, प्रदीप जैसवाल, सागर जैसवाल, अमित, विजय कसौधन, दुर्गा प्रसाद अग्रहरि ,भुवनेश्वर गुप्ता, हरीनारायण यादव , सहित बहुत से शिव भक्त उपस्थित रहे।

बी जे पी सांसद के घर आखिर क्यों मचा परिवारिक कलह”

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लखनऊ-भाजपा सांसद कौशल किशोर के परिवार मे आखिर कलह क्यों है कभी सांसद के बेटे आयुष वीडियो जारी करके कहते हैं कि हमारी पत्नी अंकिता ने हमारी जिदंगी बरबाद कर दी जब से वो हमारे लाइफ में आई हमारा जीना मुश्किल हो गया है। उधर आज आयुष की पत्नी अंकिता सांसद के घर के सामने अपनी हाथ की नस काटकर वीडियो जारी करके कहा कि आप खुश रहना मै हमेशा हमेशा के लिए आप लोगो से दूर जा रही हूं।पति आयुष पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप तथा आपके परिवार वालो ने हमें कहीं का नही छोड़ा आपने मुझसे शादी करके हमे न घर का छोड़ा न घाट का सूत्रो की माने तो अंकिता का नस काटने वाला वीडियो जारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा अंकिता को इलाज के लिए हास्पिटल भेजकर मामले की जांच पड़ताल मे जुट गई है। आवाज जन जन की अपराध भ्रष्टाचार के खिलाफ एडिटर इन चीफ अटल बिहारी शर्मा लखनऊ?

यूपी: मऊ में 147 दबंगों के खिलाफ लगा एंटी भूमाफिया एक्ट, 50 बीघे सार्वजनिक भूमि से खाली कराया कब्जा

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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सार्वजनिक हित की जमीनों पर अनाधिकृत तरीके से कब्जा जमाने वाले दबंगों के खिलाफ सदर उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह ने हल्ला बोल दिया है। सोमवार को रणवीरपुर के आराजी तौफीक मुहल्ले में पोखरी की जमीन से जहां चार मकान ध्वस्त कर दिए गए, वहीं ढांढाचवर में सड़क की जमीन पर बनाए गए मकान को ध्वस्त करा दिया गया। सलाहाबाद में लगभग पांच बीघे पोखरे पर किए गए अतिक्रमण को राजस्व अधिकारियों ने दबंगों के कब्जे से मुक्त करा दिया। विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 50 बीघे जमीन को मुक्त करा लिया गया है, वहीं मामले में 147 दबंगों के विरुद्ध एंटी भूमाफिया एक्ट की कार्रवाई की गई है। रणवीरपुर में 10 बीघा चरागाह की जमीन मुक्त कराई गई
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सदर उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह की ताबड़तोड़ कार्रवाई से भगदड़ मची हुई है। कागजों में हेराफेरी या दबंगई कर चकरोड, पोखरा-पोखरी, खलिहान, भीटा, नवीन परती आदि सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर कब्जा करने वाले उलटे-सीधे कागज लेकर कहीं हाईकोर्ट भाग रहे हैं तो कोई राजनीतिक दलों के आकाओं के यहां फरियाद लगा रहा है। सदर एसडीएम ने कहा कि जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल के निर्देश पर जहां कहीं भी अवैध कब्जा सामने आ रहा है, उसे फौरन खाली कराया जा रहा है। रणवीरपुर में 10 बीघा चरागाह की जमीन मुक्त कराई गई है। पांच बीघे का तालिमुद्दीन इमलउवा पोखरा तथा लगभग पांच बीघे का सलाहाबाद मोड़ पोखरा मुक्त करा दिया गया है। सहादतपुरा में नवीन परती को अतिक्रमण से बचाया गया है तो परदहा के बरसंड गांव से कई बीघे चारागाह और कब्रिस्तान की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। अकोल्हई जमीन सहरुल्ला, चकरा में कई बीघे खलिहान की भूमि से निर्माण हटाकर उसे मुक्त करा दिया गया है। क्या बोले अधिकारी जिन गाटों से अंकित खातेदारों का नाम खारिज कर उसे पुन: पोखरी, नवीन परती या सार्वजनिक भूमि खाते में दुरुस्त किया जा रहा है उसे फौरन अतिक्रमणमुक्त करा दिया जा रहा है। शहर व ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 50 बीघे सार्वजनिक भूमि मुक्त करा दी गई है। 147 के विरुद्ध एंटी भूमाफिया एक्ट की कार्रवाई चल रही है – निरंकार सिंह, उपजिलाधिकारी, मऊ।

यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला, 2015 के आधार पर होगा आरक्षण

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यूपी पंचायत चुनावों में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने स्वयं कहा कि वह वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश पारित किए हैं। आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किये जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, सेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। कहा गया कि आरक्षण लागू किये जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए। याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किये जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किय अजाना उचित नहीं होगा। कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष
सादर,सत्यव्रत त्रिपाठी अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद

ईजी मार्ट का हुआ शुभारंभ, सांसद रवि किशन ने फीता काटकर किया उद्घाटन

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शहर गोरखपुर स्थित रुस्तमपुर ढाला के आगे बगहा बाबा मंदिर के पास गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद रवि किशन ने ईजी मार्ट का फीता काटकर शुभारंभ किया। सांसद रवि किशन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह मार्ट आसपास के लोगों को कवर करेगा। साथ ही ईजी मार्ट को खुलने से आसपास के लोगों को शहर में दूर जाने की आवश्यकता नहीं है अपनी जरूरत की चीजें लोग यहीं से एक ही छत के नीचे एफएमसीजी सेक्टर से हर प्रकार के सामान ले सकते हैं, साथ ही उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए ईजी मार्ट विरेंद्र कुमार जायसवाल को अग्रसर आगे बढ़ने का शुभाशीष दिया।
ईजी मार्ट के ऑनर विरेंद्र कुमार जायसवाल ने कहा कि ईजी मार्ट को ऐसे लोकेशन पर खोला गया है जहां पर इस क्षेत्र से हर प्रकार के लोग हमारे मार्ट से अपनी जरूरतों के सामान उचित दरों पर प्राप्त कर सकेंगे।साथ ही हमारे पास एक बहुत ही शानदार प्लान है इस प्लान को ग्राहक अपना कर समान के साथ-साथ और भी अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे।
इस मौके पर मुख्य रूप से ऑनर विरेंद्र कुमार जायसवाल के पिता नंदकिशोर जायसवाल माता गिरिजा देवी सहित हरेंद्र जायसवाल, डॉ डीके सिंह, विजय जायसवा,विनय दुबे, उपेंद्र मिश्रा, जितेंद्र बहादुर चंद, जय यदुवंशी, प्रिंस जायसवाल, अनिल उपाध्याय, उपेंद्र सिंह के साथ-साथ ईजी मार्ट के स्टॉप विकास,सुजीत सहित समस्त कर्मचारी मौजूद रहे।

मा0उच्च न्यायालय ने आरक्षण को लेकर लगाई रोक, प्रत्याशियों में खलबली

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पंचायत चुनाव को लेकर तेज थी सरगर्मी महराजगंज। जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर एकतरफ सरगर्मी बढ़ी थी तो वही जनगणना 2011 में अनुसूचित जाति और सामान्य जाति की संख्या में काफी फेरबदल किया गया है। बताते चले कि अजय कुमार ने मा0उच्च न्यायालय में पी आई एल दाखिल किया था।जिसके क्रम मे मा0उच्च न्यायालय ने आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार निचलौल ब्लाक के ग्रामसभा बोदना में अनुसूचित जाति की संख्या 303 और सामान्य जाति की संख्या 771 दिखाया गया है जबकि सामान्य के मुकाबले अनुसूचित जाति की संख्या अधिक है।
इस सम्बंध में बोदना निवासी सुरेन्द्र प्रसाद ने जनसुनवाई के तहत शिकायत कर कार्यवाही की मांग किया है।जांच हेतु परियोजना निदेशक को आदेशित किया गया है अब देखना है कि बोदना के नागरिकों को न्याय मिल पाता है या नही।फिलहाल प्रार्थना पत्र के अनुसार जांच कर कार्यवाही की मांग की गई है। अब जाहिर सी बात है कि मा0उच्च न्यायालय के आदेश जारी किए जाने से आरक्षण में तब्दीली होने की प्रबल संभावना बढ़ गई है चुनाव की तैयारी में लगे प्रत्याशियो में खलबली मची हुई है।

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यूपी पंचायत चुनाव:यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट ने क्यों लगाया ब्रेक,पढ़े पूरी

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12 मार्च,लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है, हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी करके सरकार से जवाब माँगा है आपको बताते चले की प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी जोरो से चल रही थी, सरकार , प्रशासन , प्रत्याशी सब जोर शोर से लगे हुए थे, लेकिन हाईकोर्ट से आई खबर ने कई लोगो की तैयारी पर फिलहाल के लिए पानी फेर दिया है , अब सोमवार को सरकार अपना क्या जवाब दाखिल करती है यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल के लिए हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी.अब आगे क्या रास्ता
अब सरकार के जवाब के बाद ही पंचायत चुनाव का भविष्य तय होगा, हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर दायर अजय कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फिलहाल आरक्षण के प्रकाशन पर रोक लगा दी है, 2015 के आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर फटकार लगाई, हाईकोर्ट में यूपी सरकार को झटका लगा. शासनादेश सभी डीएम को भेजा गया, 17 मार्च को आरक्षण प्रकाशन होना था, 2015 के आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर फटकार लगाई, हाईकोर्ट में यूपी सरकार को झटका लगा.

प्रशासन में तय किए पंचायत चुनाव चिन्ह, जानिए आपको चुनाव में क्या मिलेगा निशान?

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गोरखपुर पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरे जोरों शोरों पर हैं हालांकि हाईकोर्ट ने भले ही आरक्षण सूची के अंतिम प्रकाशन पर रोक लगा दी है लेकिन प्रशासन के तैयारियों में कोई कमी नहीं है पंचायत चुनाव के सभी पदों के लिए पर्याप्त मतपत्र मंगाए जा चुके हैं। चुनाव चिन्हों का निर्धारण भी हो चुका है। इस बार प्रधानी के दावेदार तोप, त्रिशूल, खड़ाऊं जैसे चिन्हों के साथ मैदान में उतरेंगे तो जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदार को आरी, गिलास, कैंची जैसे निशान पर मुहर लगाने की अपील करते नजर आएंगे। बीडीसी सदस्य के लिए भाग्य आजमाने मैदान में उतरे प्रत्याशियों को तलवार और शहनाई जैसे चुनाव चिन्हों का प्रचार करना होगा। ग्राम प्रधान पद के लिए 48, जिला पंचायत के लिए 45 व बीडीसी सदस्य के लिए होंगे 36 निशान इस बार के पंचायत चुनाव में भी 2010 में जारी चुनाव चिन्हों का ही प्रयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए कुल 48 चुनाव निशान निर्धारित किए गए हैं जबकि जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 45 निशानों का विकल्प होगा। इसी तरह बीडीसी सदस्य पद के प्रत्याशियों को 36 प्रकार के चिन्हों में से चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 18 प्रकार के चुनाव निशान तय किए गए हैं। अधिकतर चुनाव निशान ऐसे हैं, जिनका रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होता है और लोग उन निशानों से परिचित होते हैं। पंचायत चुनाव में वर्षों से चले आ रहे निशान जैसे ‘अनाज ओसाता हुआ किसान’,‘इमली’ व ‘कन्नी’ इस बार भी नजर आएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात का साधन रहा तांगा भी चुनाव चिन्ह के रूप में प्रयोग किया जाएगा। किसी भी प्रत्याशी के पास चुनाव चिन्ह चयन का विकल्प नहीं होगा। नाम के पहले अक्षर के अनुसार प्रत्याशियों को निर्वाचन अधिकारी की ओर से ही चुनाव निशान आवंटित किए जाएंगे प्रधान पद के लिए निर्धारित हैं ये चिन्ह
अनाज ओसाता हुआ किसान इमली कन्नी कार किताब
कैमरा कैरम बोर्ड कोट खड़ाऊं गदा गले का हार घंटी चारपाई चूड़ियां छत का पंखा टेबिल लैंप टोकरी डेस्क ड्रम तांगा तोप
त्रिशूल दरवाजा धनुष धान का पेड़ पत्तियां पहिया पालकी
पुल फावड़ा फुटबाल फूल और घास बल्लेबाज बस बांसुरी
बाल्टी बिजली का खंभा बिजली का बल्ब बेंच बैलगाड़ी
भवन भुट्टा मोटरसाइकिल मोमबत्ती रिंच लिफाफा वायुयान
हथौड़ा बीडीसी सदस्य के दावेदारों को मिलेंगे ये निशान
अनार अलाव तापता आदमी अंगूब आटा चक्की (चकिया)
ईंट.कड़ाही कांच का गिलास कुंआ केला का पेड़ गुल्ली-डंडा गेंद और हाकी चकला बेलन चिड़िया का घोसला जीप टार्च
टेबिल फैन टैंक, टोपी तलवार दमकल (आग बुझाने की गाड़ी) नारियल पतंग पानी का जहाज प्रेस फ्राक भगौना
रेल का इंजन लड़का-लड़की लेटर बाक्स शहनाई सरौता सिलाई मशीन स्टूल स्लेट हंसिया हारमोनियम जिला पंचायत सदस्य पद के लिए निर्धारित चिन्ह आरी उगता सूरज कप और प्लेट कलम और दवात कुल्हाड़ी केतली कैंची क्रेन
खजूर का पेड़ गमला गिटार घुड़सवार चश्मा छड़ी छाता
झोपड़ी टाइपराइटर टेलीफोन टेलीविजन ट्रैक्टर ढोलक
तरकस तराजू ताला-चाबी थरमस नाव पिस्टल फसल काटता किसान फावड़ा-बेल्चा बल्ला मछली रेडियो रोड रोलर
लट्टू लाउड स्पीकर वृक्ष शेर सितारा सिर पर कलश लिए स्त्री
सीटी सैनिक स्कूटर हाथ-ठेला हल हेलीकाप्टर ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए निर्धारित निशान आम ओखली अंगूर
केला गुलाब का फूल घड़ा डमरू तंबू नल पेंसिल फरसा
बंदूक बैडमिंटन का बल्ला ब्रुस ब्लैकबोर्ड रिक्शा शंख सुराही
2010 के चुनाव में प्रयोग हुए चुनाव चिन्हों को इस बार भी प्रयोग किया जाएगा। अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग चिन्ह निर्धारित हैं। प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार इन्हीं में से क्रम से ऊपर से नीचे की ओर चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा।

CM योगी ने नवनियुक्त BEO को बांटे नियुक्तिपत्र और दी नसीहत।

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा परिषद के नव नियुक्त खंड शिक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को पारदर्शी और सुचितापूर्ण तरीके से नियुक्ति पत्र देकर उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ प्रदेश के विकास के लिए ले पाने में सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से चार वर्ष पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की गरिमा दांव पर लगी थी। जाति, क्षेत्र, मत और मजहब देखकर नियुक्तियां दी जाती थी। धनबल और बाहुबल का का भरपूर दुरुपयोग होता था। उन स्थितियों में पारदर्शिता और सुचिता कपोल कल्पना मात्र थी। लेकिन, आज सभी चयन आयोगों से पारदर्शी तरीके से अभ्यर्थियों का चयन हो रहा है।

APLICATIONS

स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कंट्रोल रूम को सूचित करें नोडल...

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महराजगंज। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय सभागार में बैठक हुई, जिसमें कोरोना से बचाव के लिए तैनात नोडल अधिकारियों को...

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