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गोरखपुर चिड़ि‍याघर की रोज बढ़ रही रौनक, मगरमच्छ के साथ आए सिही और लंगूर

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पूर्वांचल के पहले और देश के सबसे खुबसूरत ‘शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान’ में अब कानपुर प्राणी उद्यान से भी वन्य-जीव पहुंचने लगे हैं। कानपुर प्राणी उद्यान से शनिवार को गोरखपुर प्राणी उद्यान में 6 मगरमच्छ (क्रोकोडाइल), 2 सिही, 2 रीसस मकाक और 2 लंगूर पहुंचा। जल्द ही कानपुर से 2 लकड़बग्घा और एक दरियाईघोड़ा (हीप्पोपोटेमस) भी लाए जाएंगे। इन वन्यजीव के पहुंचने के साथ ही मगरमच्छ, रीसस मकाक और लंगूर का बाड़ा भी आबाद हो गया। इन सभी को इनके बाड़ा में ही क्वारंटीन रखा है। कानपुर प्राणी उद्यान में गुरुवार को इन वन्यजीव को पकड़ने के लिए पिजड़े लगाए गए थे। लेकिन दरियाईघोड़ा एवं लकड़बग्घा को छोड़ सभी वन्यजीव शुक्रवार तक पिजड़ें में आ गए। तीन बड़े-बड़े पिजड़े लगाए जाने के बाद भी दरियाई घोड़ा पिजड़े में नहीं आया। प्राणी उद्यान सारा दिन दरियाईघोड़ा को पिजड़े में बंद करने की जुगत ही लगाते रहे। फिलहाल शुक्रवार की रात गोरखपुर प्राणी उद्यान के लिए 6 मगरमच्छ (3 नर-3 मादा क्रोकोडाइल), 2 रीसस मकाक(1 नर-1 मादा) 2 साही (1नर 1 मादा)और 2 लंगूर (1 नर-1मादा) रवाना कर दिए गए। शनिवार की सुबह सभी को गोरखपुर प्राणी उद्यान के उनके बाड़ों में प्रवेश कराया गया। गोरखपुर प्राणी उद्यान निदेशक डॉ एच राजा मोहन की निगरानी में पशु चिकित्साधिकारी डॉ आरके सिंह, पशु चिकित्साधिकारी योगेश प्रताप सिंह, राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर डीबी सिंह, उप प्रभागीय वन अधिकारी संजय मल्ल, उप राजिक अजय तिवारी, चंद्रभूषण पासवान, वन दरोगा रोहित सिंह, वन्य जीव रक्षक शैलेश कुमार गुप्ता, नीरज सिंह, आरएनएन से राजू गुप्ता, नीरज सिंह समेत 30 के करीब कर्मचारियों की टीम मौजूद रही।
रास्ते में तीन बार चेक किए वन्यजीव इन प्राणियों को काफी सावधान के साथ गोरखपुर प्राणी उद्यान लाया गया। रास्ते में तीन बार रुक कर इन्हें चेक भी किया गया कि इन्हें परिवहन के दौरान कोई असुविधा तो नहीं हो रही है। उधर गोरखपुर प्राणी उद्यान में इन सभी वन्यजीव के बाड़ा के साथ हीमोपोटेमस का बाड़ा भी साफ सुथरा कर लिया गया था।
अब तक प्राणी उद्यान में आए 42 वन्यजीव लखनऊ से अब तक प्राणी उद्यान में 01 मादा बाघ, 01 मादा तेंदुआ, 01 मादा साही, घड़ियाल पुर्नवास केंद्र उत्तर प्रदेश लखनऊ से 9 कछुए (टर्टल) आ चुके हैं। इसके अलावा विनोद वन से 2 नर चितल (स्पाटेड डियर), 01 नर एवं 01 मादा पाढ़ा (हॉग डियर) लाए जा चुके हैं। मंगलवार को एक मादा जंगल कैट, 2 सियार (1 नर व 1 मादा), 2 रसेल वाइपर (1 नर व 1 मादा), 2 अजगर (1 नर 1 मादा) लाया गया। गुरुवार की देर रात लखनऊ प्राणी उद्यान से 2 घड़ियाल (1नर व 1 मादा), 4 काकड़ (2 नर व 2 मादा) और 2 पाढ़ा (1 नर 1 मादा) लाया गया। शनिवार की सुबह 6 मगरमच्छ (3 नर-3 मादा क्रोकोडाइल), 2 रीसस मकाक(1 नर-1 मादा) 2 साही (1नर 1 मादा)और 2 लंगूर (1 नर-1मादा)पहुंचे जिन्हें मिला कर यहां कुल 42 वन्यजीव आ गए हैं। लखनऊ से 7 काले हिरन (4 नर व 3 मादा), 4 बारासिंघा (2 नर 2 मादा), एवं 2 काकड़ (1 नर व 1 मादा) भी जल्द लाए जाएंगे।

हाईकोर्ट पहुंंचे बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह, सुनवाई शुक्रवार को

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लखनऊ।अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने के आरोपित पूर्व सांसद जौनपुर धनंजय सिंह मुकदमे को खत्म कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण में हैं। पूर्व सांसद के वकीलों ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उन पर दर्ज मुकदमे को खत्म करने की मांग संबंधित अर्जी न्यायालय में दी है। इस संबंध में शुक्रवार को सुनवाई होगी। उधर, गिरधारी एनकाउंटर मामले में विभूति खंड पुलिस और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अर्जी पर कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी। गिरधारी एनकाउंटर मामले में मंगलवार को न्यायालय ने सुनवाई की। इससे पहले इंस्पेक्टर विभूतिखंड की ओर से दी गई अर्जी में रिपोर्ट देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया। इसपर न्यायालय ने एक सप्ताह का समय देने से मना कर दिया। कोर्ट में इंस्पेक्टर विभूतिखंड अथवा कोई अधिकारी उपस्थित नहीं था। उधर, गिरधारी के भाई राकेश विश्वकर्मा ने कोर्ट में अर्जी देकर पुलिस अधिकारियों की ओर से न्यायालय में दाखिल किए गए हलफनामे को झूठा बताया है। इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि मऊ के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजीत सिंह हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था। पुलिस ने पूर्व सांसद को आरोपित बनाया था और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी की गई थी। तब से पूर्व सांसद फरार हैं। पुलिस आरोपित की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। हालांकि अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।

पुरूषो का उत्पीड़न कर रही महिलाओ का क्या होना चाहिए कानून

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उत्तर प्रदेश-अधिक तर उत्तर प्रदेश के सभी जनपदो में थाना चौकियो से लेकर कोर्ट कचहरी तक ऐसे केसेज देखने को मिल जाते हैं कि महिला अपने पति पर अपने ससुर जेठ देवर पर उत्पीडन का आरोप लगाकर कानून का सहारा लेकर जेल भेजवा देती है अच्छी बात है यदि पति ससुर देवर जेठ उस महिला के साथ गलत व्यवहार करता है तो उसे सख्त कार्रवाई भी शासन-प्रशासन द्वारा करनी चाहिए। लेकिन तह तक जाकर जांच पड़ताल करके ऐसा नही कि कोई महिला पंहुची और आरोप लगा दी जिस पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करके पति को सलाखो के पीछे डाल दे। हमारे देश में महिलाओ को देवी का दर्जा दिया गया है हम सब जानते हैं एक महिला मां भी होती है एक बहन तथा एक महिला पत्नी होती है जिसको पुरूषो का आधा अंग माना गया है पति के सुख-दुख में साथ देना हर संभव पति को खुश रखना महिलाओ का कर्तव्य है। पर कुछ महिलाए इसके विपरीत होती हैं हर छोटी छोटी बात को बात का बतान्गड़ बना देती हैं।
सास से लड़ाई नानद से लड़ाई देवरानी जेठानी से लड़ाई आस पड़ोस से लड़ाई करती रहती हैं हर बात पर पति को आंख दिखाना कुछ न कुछ कमिया निकालना पति पूरा दिन मजदूरी मेहनत करता है य कोई सरकारी य प्रइवेट नौकरी करता है हार थक कर घर पंहुचते ही लड़ाई झगड़ा शुरू जब पति काफी हद तक परेशान हो जाता है तब मजबूरन हाथ उठा देता है बदले मे पत्नी भी हाथ उठाती है अब जरा सोचिए की एक पुरुष का भी कुछ मान सम्मान होता है फिर पति उसका ढंग का कुटाई कर देता है जिससे पत्नी सीधा थाने चौकी पर पंहुच जाती है और दहेज उत्पीड़न मार पीट और न जाने क्या क्या केस दर्ज करवा देती है पुलिस उसी आधार पर सास ससुर जेठ देवर पति को थाने उठा लाती है और मुकदमा दर्ज करके जेल भेज देती है कुछ पुलिस ऐसी महिलाओ से जानकार होते है तो समझा बुझा कर सुलह समझौता भी करा कर घर वापस भेज देते हैं।
लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या पुरुष ही सरा सर गलत होते हैंक्या जिन महिलाओ को हम देवी का दर्जा देते हैं वो महिला अपने पति पर झूठा आरोप लगा कर उसे सजा दिला सकती है। शासन-प्रशासन को इस तरह से जिंदगी जी रही कुछ महिलाओ के लिए भी गाइडलाइंस जारी करना चाहिए और कुछ न कुछ सजा का प्रावधान होना चाहिए।
ताकी हमारे देश की जो देवी स्वरूप महिलाए हैं वो इन महिलाओ के कारण बदनाम न हों तमाम ऐसी महिला हमारे देश मे है जो घर को स्वर्ग बना दी हैं हम ऐसी महिलाओ को नमन करते हैं। यदि शासन-प्रशासन तह तक जाकर दहेज उत्पीड़न मारपीट जैसे केसेज को देखे तो क्राइम कम होगा और बहुत परिवार के रिश्ते टूटने से बच जायेगा और तमाम पुरुष गलत तरीके से जेल की रोटी खाने से बचकर अपने परिवार में खुश रहेंगे। मैं उन महिलाओ से भी अपील करता हूं जो अपने पति की कोई मतलब नही समझती वो भी दिल दिमाग से सोचे की एक पति अपने पत्नी के साथ खुश रहना चाहता है तभी जी जान से मेहनत करके घर की सारी जरूरत पूरी करता है पूरा दिन हार थक कर घर आता है कि घर मे सूकून मिलेगा पत्नी एक गिलास पानी लेकर आयेगी मीठी बात करेगी फिर बच्चो के साथ भोजन करके आराम किया जायेगा। जब आप पति का पैर जैसे घर के अंदर पड़ा बड़ बड़ाने लगोगी चिल्लाना शुरू करोगी सबकी शिकायत पति से करने लगोगी पूरा दिन का गुस्सा पति पर उतार दोगी खाना पानी देने के बजाय ताने मारोगी तो पति पर क्या गुजरेगा। आवाज जन जन की एडिटर इन चीफ अटल बिहारी शर्मा*!

एसपी ने किया कुशीनगर जनपद सीमा का निरीक्षण

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महराजगंज। पुलिस अधीक्षक ने घुघली थानाक्षेत्र में पड़ने वाले दो जनपदों को विभाजित करने वाले छोटी गंडक पर स्थित बैकुंठी पुल पर गैर जनपद से आने वाले वाहनों की जाँच करायी तथा आने जाने वाले संदिग्ध ब्यक्तियों पर नजर रखने का निर्देश दिया।पंचायत चुनाव व सिमा से सटे होने के मद्देनजर व सुरक्षा ब्यवस्था को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्त ने कुशीनगर जनपद के सीमा रेखा बैकुंठी घाट व बरीगांव , इंद्रपुर पहुंचे तथा गैर जनपद से आ रहे वाहनों की जाँच कराते हुए उपस्थित थानाध्यक्ष दिलीप सिंह व चौकी प्रभारी अखंड प्रताप सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिया।उन्होंने ने कहा कि गैर जनपद से आने जाने वाले संदिग्ध ब्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जाय।सीमा क्षेत्र में होने वाली हर गतिविधि को गंभीरता से लिया जाय।

यूपी की रहने वाली फेमिना मिस इंडिया 2020 रनरअप मान्‍या सिंह से मिलेंगे सीएम योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ यूपी को अपने हुनर से मान की पगड़ी पहनाने वाली दोनों बेटियों से जल्‍द मुलाकात करेंगें। फेमिना मिस इंडिया 2020 की रनरअप चुनी गई मान्‍या सिंह और मेरठ की रहने वाली एथलीट प्रियंका गोस्‍वामी से सीएम जल्‍द ही मुलाकात करेंगें। एक साधारण से परिवार के मां बाप के लिए गौरव का पल वो होता है जब उनके बच्‍चे अपने सपनों को साकार कर उनको मान की पगड़ी पहनाते हैं। यूपी की इन दोनों बेटियों ने अपने अभिभावकों संग प्रदेशवासियों को भी अपने हुनर के बूते सम्‍मान का ताज पहनाया है। फेमिना मिस इंडिया 2020 की रनरअप चुनी गई मान्‍या सिंह ने भी अपनी मेहनत लगन से माता पिता के साथ उत्‍तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। देवरिया के रहने वाले ऑटोरिक्‍शा ड्राइवर ओम प्रकाश सिंह अपनी बेटी के लिए बेहद खुश हैं। उन्‍होंने कहा कि मेरी और मान्‍या की तमन्‍ना थी कि हम लोग हमारे आदर्श  मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से मुलाकात करें। हमारा सौभाग्य है कि अब हम लोग उनसे मुलाकात करेंगें। आज प्रदेश में योगी सरकार की स्‍वर्णिम योजनाओं व मिलने वाली सुविधाओं के कारण ही मान्‍या जैसी अन्‍य दूसरी बेटियों के सपनें अपने प्रदेश में साकार हो रहें हैं।
योगी सरकार की नीतियों से युवाओं के सपनें हो रहे साकार
मान्‍या के पिता कहते हैं कि मैं साल 1992 से मुम्‍बई में ऑटो चला रहा हूं। यूपी में 10 वीं की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई मुम्‍बई से मान्‍या को कराई। लेकिन अब प्रदेश में योगी सरकार की नीतियों से काफी सकारात्‍मक बदलाव देखने को मिल रहें हैं। योगी सरकार ने एक ओर जहां अभ्‍युदय कोचिंग तो वहीं यूपी में फिल्‍म सिटी के निर्माण से प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है। जिससे निश्चित तौर पर प्रदेश के युवाओं व युवतियों को मदद सीधे तौर पर मिलेगी। मान्‍या के पिता ने कहा कि प्रदेश के मुखिया से मिलना हमारा सौभाग्य होगा। उन्‍‍होंने बताया कि सीएम योगी आदित्‍यनाथ से मिलने की तमन्‍ना हम लोगों की बरसों से थी जो मान्‍या के कारण अब पूरी होगी। उन्‍होंने कहा कि जब मान्‍या मिस यूपी च़ूनी गई तो वो हम सबके लिए वो गौरव का पल था।

धनाढ्यो केलिये लाभकारी और आम जनता के साथ धोखा है उत्तर प्रदेश सरकार का आम बजट: भाकपा

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लखनउ 23 फरवरी, कल उत्तर प्रदेश विधान सभा में प्रस्तुत भाजपा सरकार का बजट उसके द्वारा किए जा रहे दावों के पूरी तरह विपरीत है। यह धनपतियों के लिए लाभकारी और आम जनता के लिये पूरी तरह निराशाजनक है। जिस इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के दाबे किये जारहे हैं वह आम आदमी की जेब से पैसा निकाल कर धनवानों के विकास और सुविधाओं को जुटाने का जुगाड़ मात्र है। इसमें 7.30 प्रतिशत व्रद्धि के दावे किये गए हैं जो गत वर्ष बड़े पैमाने पर छलांग लगा चुकी महंगाई को देखते हुये निष्प्रभावी है। अन्य पूंजीवादी सरकारों के बजट की तरह यह बजट भी है। इसमें भी किसानो, युवाओ और महिलाओ को आत्मनिर्भरता का लालीपाप थमाया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषिसंकट, बेरोजगारी, महंगाई और इलाज की दयनीय दशा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जाने के बजाये भाजपा सरकार ने अपने हिन्दुत्व के छिपे एजेडे को धार देने को अयोध्या और अन्य आस्थास्थलों के विकास को भुनाने की कोशिश की है।
किसानो को फसलों के उचित दाम, सरकारी खरीद बढाने, डीजल व बिजली दरों को नीचे लाने, खाद -बीज पर सब्सिडी, फसलबीमा, किसान पेंशन आदि पर अधिक धन आबंटन की जरूरत थी, मगर इन मदों में बढोतरी करना तो दूर उलटे सब्सिडी घटा दी गयी है। पहले से चली आ रही नहरों और सरकारी ट्यूव्वेलों से सिंचाई तथा मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना बीमा योजना को नया बताना सरे आम आँखों में धूल झौंकने वाला है। किसानो की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने के पिछले वायदों की समीक्षा न कर झूठ को छुपाया गया है। क्या 15 हजार सोलर पम्पों, कृषिक्षेत्र में 100 करोड की योजना से सभी किसानो की आमदनी दोगुनी हो जायेगी? वे आत्मनिर्भर हो जायेगे? बढते कृृषिसंकट से किसानो को बचाने के बजाये सत्यानाशी कृषि नीतियो को ही आगे बढाया गया है। शिक्षा क्षेत्र में बजट आबंटन मात्र 75410 करोड बताया गया है, जो कुल बजट का मात्र 14 फीसदी है। शिक्षा की उत्तर प्रदेश में दयनीय दशा को देख कर यह नाकाफी है। जरूरत 30 फीसदी की है। स्वास्थय क्षेत्र की घोर उपेक्षा की गयी है, महामारी के दौर में और अधिक बजट की जरूरत थी किंतु जो थेाडा बहुत दिया गया है वह दवाइयों, अस्पताल के रखरखाव उपकरणों आदि की महंगाई में चला जायेगा। सामाजिक सुरक्षा, कल्याणकारी कामों, मनरेगा, प्रवासी मजदूरों, वृद्वा विकलांग पेंशन, दलितो-पिछडे छात्रों के बजीफों, सस्ते राशन वितरण में कटौती कर सफाई से हाथ खीेचे जा रहे हैं।लाकडाउन के बाद बेरोजगार बने मजदूरों और शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की ठोस योजना पूरी तरह नदारद है। बजट में छोटे व्यापारी दुकानदारों को कोई राहत न देकर पूरी तरह निराश किया गया है। बुनियादी ढांचे के नाम पर एक्सप्रेसवे व हवाई अडडे के लिए बजट में करीब 12 हजार करोड रू॰ की व्यवस्था की गयी है। ये धनाढ्यो को लाभ पहुंचाने की गरज से किया गया है और इससे आम जनता को कोई लााभ होने वाला नही है।

उत्तर प्रदेश के राजधानी में भांति भांति के लोग

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लखनऊ-बाजार खाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिलेरिया पुलिस चौकी के संमीप एवारेडी चौराहे पर बीचो बीच लगे खंभे पर एक युवक बिना लाज शर्म के पेशाब करके नबाबो के शहर लखनऊ का तोहीन करते हुए देखा गया पब्लिक के बीच इस कादर पेशाब कर रहा था जैसे सुलभ शौचालय मे कर रहा हो वहां की पब्लिक भी कुछ बोलना उचित नही समझी उधर सरकार की गाइड लाइन मे सार्वजानिक स्थान पर शौच करना अपराध माना गया है जुर्माना भी हो सकता है पर इस युवक ने मुत्रालय करके साबित कर दिया की शासन-प्रशासन का मतलब कुछ भी नही है।

मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये- डीएम

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गोरखपुर। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन चुनाव को सकुशल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी के विजयेंद्र पांडियन डीआईजी एसएसपी जोगिंदर कुमार के अध्यक्षता में एनेक्सी सभागार जनपद के सभी उप जिलाधिकारी क्षेत्राधिकारी पुलिस अधीक्षक थाना अध्यक्ष संबंधित अनुभागो के प्रभारी के साथ बैठक करते हुए कहा कि
पंचायत चुनाव में नामित अधिकारियों को अपने स्तर की सभी तैयारियां पूरा करने के लिए कहा। मतदान क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का मूल्यांकन करते हुए उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करें। गांव की संप्रदायिक स्थिति पर नजर बनाए रखें।एनेक्सी सभागार में डीएम के विजयेंद्र पांडियनने कहा कि जनपद में 20 ब्लॉको 1294 ग्राम पंचायतों में 1849 मतदान केंद्र में 194 अतिसंवेदनशील 581 संवेदनशील मतदान केंद्र बनाए गए हैं सभी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं शौचालय पेयजल विद्युत व्यवस्था विकास खंड अधिकारी पूर्ण कर लें। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन की गरिमा को बनाए रखना हमारा प्रथम दायित्व है। अधिकारीगण अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर मतदान को सकुशल संपन्न कराएं। एसडीएम सीओ थानाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर कानून व्यवस्था बनाएं रखें। समस्त खंड विकास अधिकारी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधा दुरुस्त करेंगे। डीआईजी/ एसएसपी जोगिंदर कुमार ने कहा कि पंचायत चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए अपराधी व अपराध में संलिप्त रहने वाले ऐसे संदिग्धों के ऊपर ही आती थी की धारा 107 व 116 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उन्हें पाबंद किया जाए तथा ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के ऊपर बराबर नजर बनाई जाए जनपद में 22,000 लाइसेंस शस्त्र धारकों के शस्त्र थानों के माल खानो व लाइसेंसी शस्त्र दुकानों पर शस्त्रों को जमा कराना शुरू कर दें जिससे पंचायती चुनाव की घोषणा होने से पहले सभी के शस्त्र जमा हुए रहे। चुनाव के दौरान मतदान को प्रभावित करने वाले शस्त्र धारकों के शस्त्र पहले जमा कराया जाए जो चुनाव के दौरान खलल डाल सकते हैं पंचायत चुनाव को सकुशल संपन्न कराना हम सभी का दायित्व व कर्तव्य हैं पुलिस अधीक्षक व सर्किल अवसरों तथा थानेदारों को निर्देश दिया है कि लाइसेंसी असलहे जमा करना शुरू कर दे। चुनाव के दौरान असलहे के बल पर अराजकता फैलाने की आशंका होगी। ऐसे लोगों के शस्त्र की समीक्षा कर बूथों का रूट प्लान और उन्हें सेक्टर-जोनल में बांटने के साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों का भी निर्धारण कर शस्त्रों को जमा कराना शुरू कर दें जिससे पंचायत चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी शस्त्र धारकों के शस्त्र थानों या लाइसेंसी दुकानों पर जमा हो सके। असलहे पुलिस मालखाने या फिर शस्त्र दुकानों पर जमा कर रसीद प्राप्त कर अपने अपने संबंधित थानों को रसीद की फोटो कॉपी जमा कर दे जिससे शासन को अवगत कराया जा सके।समस्त पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष अपने अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर समस्याओं का निस्तारण कराने को कहा। बैठक में प्रमुख रूप से सीडीओ इंद्रजीत सिंह एडीएम प्रशासन डॉक्टर चतुर्भुजी गुप्त एडीएम वित्त राजेश कुमार सिंह एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव सीआरओ चंद्रशेखर मिश्रा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम खजनी अनुज मलिक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर कुलदीप मीना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम बांसगांव अनुराज जैन एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर सिंह एसडीएम चौरीचौरा पवन कुमार एसडीएम कैंपियरगंज अरुण सिंह एसडीएम सहजनवा सुरेश राय पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अरुण कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक उत्तरी मनोज अवस्थी पुलिस अधीक्षक अपराध महेंद्र पाल सिंह क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रत्नेश सिंह क्षेत्राधिकारी कैंट सुमित शुक्ला क्षेत्राधिकारी कोतवाली बी पी सिंह क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज सहायक पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा दिनेश कुमार सिंह क्षेत्राधिकारी गोला श्यामदेव क्षेत्राधिकारी बांसगांव जगत नारायण डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दिक्षित सहित संबंधित अन्य विभागों के अधिकारीगण सहित जनपद के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।

नेपाली पेट्रोल से दौड़ रहे भारतीय वाहन, जानें क्‍या है कारण

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नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थ सस्ता होने का असर भारतीय क्षेत्र में साफ दिख रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी तेज हो गई है। तस्करी को देखते हुए नेपाल सरकार ने भारतीय वाहनों की निगरानी शुरू कर दी है। नेपाली डीजल- पेट्रोल से भारतीय वाहन दौड़ रहे हैं। नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थ सस्ता होने का असर भारतीय क्षेत्र में साफ दिख रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी तेज हो गई है। तस्करी को देखते हुए नेपाल सरकार ने भारतीय वाहनों की निगरानी शुरू कर दी है। किसी भी भारतीय वाहन को सौ लीटर से अधिक डीजल-पेट्रोल देने पर सख्त मनाही है। 17 से 22 रुपये प्रति लीटर मुनाफा पाने के लिए तस्कर नेपाल के सीमावर्ती रूपनदेही व नवलपरासी जिले से पेट्रोलियम पदार्थों को महराजगंज पहुंचा रहे हैं। तस्करी के इस खेल में डीजल में 22 रुपये व पेट्रोल में 17 रुपये का लाभ मिल रहा है। तस्कर भारत से पगडंडी रास्ते नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं। वहां मोटरसाइकिल की खाली टंकी फुल कराकर वापस भारत आ जाते हैं। भारत से बिना टैक्स नेपाल जाता है तेल इंडियन आयल कारपोरेशन की तरफ से नेपाल में डीजल- पेट्रोल भेजा जाता है। भारत खरीद मूल्य पर ही नेपाल को आपूर्ति करता है। यहां सिर्फ रिफाइनरी शुल्क लगाया जाता है। भारत की तरफ से नेपाल को 32 रुपये लीटर डीजल व 40 रुपये लीटर पेट्रोल की सप्लाई दी जाती है। इसके बाद नेपाल सरकार की तरफ से वैट व उत्पाद शुल्क लगा कर विभिन्न आयल एजेंसियों को भेजा जाता है। नेपाल में डीजल 59.81 रुपये भारतीय (नेपाली 95.70 रुपये) व पेट्रोल 70.45 भारतीय रुपये (112.70 रुपये नेपाली रुपये) में पंपों पर बिक रहा हैं। जबकि भारत में डीजल 81.62 व पेट्रोल 89.12 रुपये लीटर है। भारत के मुकाबले डीजल में 21.81 व पेट्रोल में 18.67 रुपये का अंतर है। मुफीद साबित हो रहे पगडंडी रास्ते तस्करों के लिए सीमा क्षेत्र के पगडंडी रास्ते मुफीद साबित हो रहे हैं। सोनौली, ठूठीबारी सीमा पर चौकसी के चलते तस्कर पगडंडी रास्ते मर्यादपुर का पहाड़ी टोला, रेहरवा, अहिरौली, अशोगवा, पडिय़ाताल, डंडहवा, मदरीटोला, भगवानपुर, श्यामकाट के रास्ते नेपाल में प्रवेश कर जाते हैं। वहां रूपनदेही व नवलपरासी जिले में स्थित पेट्रोल पंपों पर तेल भरा बड़ी सुगमता से भारत आ जा जाते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी पर हर हाल में अंकुश लगाया जाएगा। पगडंडी रास्ते किसी को सीमा प्रवेश की अनुमति नहीं है। मोटरसाइकिलों के नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। – प्रदीप गुप्ता, एसपी, महराजगंज। नेपाल में डीजल- पेट्रोल सस्ता होने के कारण तस्करी बढ़ी है। सीमावर्ती क्षेत्र के पेट्रोल पंप मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। जांच-पड़ताल के बाद ही भारतीय वाहनों में तेल देने की अनुमति है। – प्रवीण पोखरेल, एसपी, रूपनदेही, नेपाल।

यूपी: राशन दुकानदारों से वसूली की सूची वायरल, फरवरी में कोटेदारों से वसूले 2.04 लाख

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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गरीबों का पेट भरने के लिए सरकार की तरफ से मिल रहे राशन से अधिकारियों की जेब भर रही है। गाजीपुर जिले में कासिमाबाद विकासखंड के राशन दुकानदारों ने वसूली लिस्ट  सोशल मीडिया पर वायरल कर इसका खुलासा किया है। कोटेदारों से अनाज पर प्रति क्विंटल 35 रुपये की वसूली की सूची वायरल होने से तहसील में हड़कंप है।वायरल लिस्ट पिछले साल जनवरी, फरवरी के साथ जुलाई एवं अगस्त की बताई जा रही है। इस सूची में 70 कोटेदारों के नाम के सामने वसूली की गई धनराशि अंकित है। सूची में एमआरपी जैसे कोड लिखे गए हैं। इन्हीं कोड से बिचौलिया प्रति माह वसूल की गई धनराशि को तहसील के संबंधित विभाग के एक बड़े अधिकारी के पास पहुंचाते हैं।मीटिंग में मिठाई के लिए भी हिसाब
सूची के अनुसार जनवरी में एक लाख 91 हजार 850 रुपये की वसूली हुई। फरवरी में कुल 81 राशन दुकानदारों से दो लाख चार हजार चार सौ रुपये की नकद वसूली हुई है। इसी तरह जुलाई और अगस्त में भी वसूली की गई है। अगस्त की वसूली सूची में कुछ खर्च भी दर्ज किए गए हैं।  इसमें मीटिंग में मिठाई के लिए पांच सौ रुपये के साथ साहब को 25 हजार दिए जाने का विवरण है। “वसूली से संबंधित वायरल सूची संज्ञान में नहीं है। अगर यह सूची सही मिलेगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी ” भारत भार्गव, उपजिलाधिकारी कासिमाबाद।

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बांध के पास मिले 3 बच्चों के शव, आंखें निकाले जाने...

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यूपी के मिर्जापुर जिले में तीन बच्चों की संदिग्ध मौत से सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में बच्चों की हत्या के बाद आंख...

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